23 October 2017 00:00:00 AM Breaking News
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पूर्व मुख्यमंत्री ने की पुलिस आयुक्त सहित निकम्मे अफसरों को हटाने की मांग

जोधपुर। पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनके गृह क्षैत्र मे लगातार बढती जा रही संगीन आपराधिक वारदातों एवं रंगदारी के लिए हो रही हत्याओं और हमलों को लेकर गहरी चिंता जताते हुए यहां के पुलिस आयुक्त सहित तमाम निकम्मे पुलिस अफसरों को हटाने की मांग की हैं। गहलोत ने अपने ट्वीट एवं फेसबुक पर लिखा हैं कि पिछले एक साल में चार-पांच बार फायरिंग की घटनाएं हो चुकी है लेकिन इसके बावजूद भी राज्य सरकार की नींद नहीं खुली और आखिर में व्यवसायी श्री वासुदेव इसरानी की मौत हो गयी। 
उन्होने कहा कि जितनी बार भी फायरिंग हुई तब-तब हर बार पुलिस कमिश्नर को उन्होने आगाह किया एवं होम सेक्रेटरी को जोधपुर में हो रही घटनाओं के बारे में अवगत कराया लेकिन हालात नहीं बदले।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि जब से बीजेपी की सरकार बनी है जिस प्रकार मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे का जोधपुर के प्रति उपेक्षा भाव रहा है उसके कारण जिले में ये हालात पहली बार बने हैं। पुलिस प्रशासन में, जिला प्रशासन में कोई सुनने वाला नहीं है, जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। स्व. श्री वासुदेव इसरानी की जान जाने के बाद मे अब अपराधियों को पकड़ने के लिए एसओजी का गठन किया है। ये कार्यवाही एक साल पहले ही कर देते तो जिस तरह शहर में अनेकों परिवार भय आतंक के साये में जी रहे थे वैसी नौबत नहीं आती। 
गहलोत ने कहा कि जब तक पुलिस कमिश्नर सहित निकम्मे और नाकारा अधिकारियों को नहीं हटाया जाएगा तब तक क़ानून व्यवस्था की स्थिति में सुधार होने की कोई गुंजाइश नहीं है। पुलिस कमिश्नर के प्रति जोधपुर के लोगों की भावनाओं को जानते हुए भी मुख्यमंत्री, गृहमंत्री द्वारा कोई कार्यवाही नहीं करना कई प्रश्नचिन्ह खड़े करता है।