23 October 2017 00:00:00 AM Breaking News
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कलक्टर के लिए असली पीए क्यों नही?डीआरडीए का बाबू 14 साल से पीए

सीएमओ के दखल के बाद नही हटा कथित पीए
बाड़मेर। सीमावर्ती बाड़मेर के जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के निजी सहायक पद पर राजस्व मंडल आखिर असली पीए को तैनात क्यों नही कर रहा हैं? यह आज भी रहस्यमय बना हुआ हैं। खबर हैं कि यहां करीबन 14 साल से कथित तौर पर डीआरडीए का एक बाबू निजी सहायक पद पर अनाधिकृत रूप से काम कर रहा हैं। जिस पर कईं आरोप लग चुके हैं। अंदर की खबर के मुताबिक इस कथित पीए को हटाने के लिए एक साल पहले सीएमओ ने दखल दिया था लेकिन यह आदेश भी निष्क्रिय कर दिये गये।
कौन लगता हैं पीए
जिला कलक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट के निजी सहायक पद पर दक्ष कार्मिक की नियुक्ति राजस्व मंडल अजमेर करता हैं। बाड़मेर या एकाद जिले को छोड़ कर बाकी सभी जगहों पर मंडल द्वारा नियुक्त पीए ही कार्य करते हैं। चूंकि, यह सीमावर्ती जिला हैं जहां सीमा सुरक्षा सहित विभिन्न गतिविधियों की अहम बैठकें भी कलक्टर लेते हैं। ऐसे मे जिम्मेदार एवं अधिकृत निजी सहायक का होना अत्यंत जरूरी माना जाता हैं। बाड़मेर मे 2003 से कोई अधिकारिक पीए कार्यरत नही है। बीच मे फूलाराम को एडीएम के पीए से हटा कर यहां लगाया गया था जो कि सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
कौन हैं कथित पीए
कथित पीए के रूप मे अनाधिकृत रूप से काम कर रहा शख्स डीआरडीए मे 1988 मे तत्कालीन कलक्टर राजेन्द्र जैन के दखल एवं प्रभाव से अस्थाई कनिष्ठ लिपिक घास डीपो पर लगाया गया था। उसके बाद आये कलक्टर तपेश पंवार ने उन्हें हटाने की कार्यवाही की तो यह शख्स हाईकोर्ट मे रिट कर स्टे लाया। दरअसल, इसके पास कोई अधिकारी सरकारी संस्थान का स्टेनोग्राफी कोर्स का सर्टीफिकेट भी नही हैं। 2003 से कलक्टर कार्यालय मे अनाधिकृत रूप से निजी शाखा मे लगा दिया गया और वह बिंदास होकर पीए बना हुआ हैं। असल मे इसकी उपस्थिति भी आज दिन तक डीआरडीए(जिला परिषद) मे हो रही हैं और यह काम पीए का कर रहा है और पीए पद की सरकारी सुविधाओं का लाभ भी उठा रहा हैं। काफी विवादों मे आ रखे इस कथित पीए को गत वर्ष सीएमओ से हटाने के आदेश भी आये थे, जो कागजों मे दफन कर दिये गये हैं।