23 October 2017 00:00:00 AM Breaking News
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गलत कानूनी राय देने पर वकील पर नही हो सकती एफआईआर

राजस्थान हाईकोर्ट ने अधिवक्ता के विरूद्व दर्ज रिपोर्ट की रद्द
जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने अपने एक महत्वपूर्ण फैसले मे माना हैं कि अगर वकील द्वारा दी जाने वाली कानूनी राय गलत निकले तो उसके विरूद्व फौजदारी प्रकरण दर्ज नही करवाया जा सकता। कोर्ट ने माना हैं कि ज्यादा से ज्यादा यह लापरवाही और मिस कंडक्ट का मामला बनता हैं। 
राजस्थान हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्रसिंह भाटी ने राजेन्द्रसिंह बनाम राज्य सरकार वगैरा के मामले मे सुनवाई दौरान यह आदेश दिये। इस मामले मे वकील राजेन्द्रसिंह के विरूद्व बज्जू थाने मे भारतीय दण्ड संहिता की धारा 420, 467, 468, 471 एवं 120 बी के तहत बैंक आॅफ बड़ौदा के प्रबन्धक ने दर्ज करवाया था। एफआईआर के मुताबिक उक्त वकील बीकानेर मे प्रेक्टिस करता हैं तथा बैंकों का पैनल लाॅयर हैं। इसने मोहम्मद रफीक द्वारा लिये गये लोन के मामले मे फर्जी जमीनी दस्तावेजों के आधार पर सर्च रिपोर्ट तैयार की।
राजस्थान हाईकोर्ट मे उक्त एफआईआर को दाण्डिक याचिका के जरिए चुनौती दी गई। सुनवाई दौरान कहा कि वकीलों की राय मानने के लिए बैंक बाध्य नही हैं तथा उसे उपलब्ध करवाये जाने वाले दस्तावेजों पर विश्वास कर वह राय लिखते हैं। दलीलों मे कहा गया कि ज्यादा से ज्यादा मिस कण्डक्ट या लापरवाही का मामला बनता हैं वकीलों पर गलत रिपोर्ट के आधार पर आपराधिक प्रकरण दर्ज नही हो सकता। हाईकोर्ट मे सुप्रीम कोर्ट एवं अन्य उच्च न्यायालयों द्वारा दिये गये निर्णयों की नजीरें भी पेश की गई। इस पर न्यायमूर्ति पुष्पेन्द्रसिंह भाटी ने राजेन्द्रसिंह अधिवक्ता को अभियुक्त बनाये जाने पर अंशतः एफआईआर को खारिज करने का निर्णय दिया हैं।