23 October 2017 00:00:00 AM Breaking News
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एनआरएचम मे 5 करोड़ का घोटाला, दागी काट रहे हैं चांदी

बाड़मेर। एनआरएचएम स्कीम के तहत जयपुर मुख्यालय मे पिछले साल आये करोड़ों के घोटालों की आग बाड़मेर तक फैल चुकी थी। खबर हैं कि  चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के बाड़मेर सीएमओ दफ्तर मे हुई जांच मे एनआरएचएम स्कीम के तहत की गई विभिन्न खरीद फरोख्त मे 5 करोड़ से अधिक का घोटाला होने की पुष्टि की गई हैं लेकिन चिन्हित किए गये दोषियों मे अधिकतर तो मलाईदार सीटों पर ही बैठे हुए हैं। करीबन 6 मुख्य चिकित्सा अधिकारी स्वंय नामजद किए गये हैं। फिलहाल जोधपुर के संयुक्त निदेशक पूरे मामले की जांच मे लीपापोती कर आरोपितों से सांठगांठ कर मामले को दबाने मे जुटे हुए हैं। जांच चलने की दलील देकर मीडिया मे भी मुंह बंद किए बैठे हैं।
प्राप्त खबर के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन स्कीम के तहत एनआरएचम विंग को सन 2011 से 2015 तक आवंटित बजट मे दी गई राशि से निकाले गये टेण्डर एवं की गई खरीद फरोख्त को नियम विरूद्व माना गया। इसके लिए स्वास्थ्य निदेशालय ने विशेष आॅडिट टीम का गठन किया गया था। एनआरएचएम निदेशक अंजू राजपाल ने इस रिपोर्ट के मध्यनजर 25 जनवरी 17 को दोषी पाये गये कुल 13 लोगों को चिन्हि कर उनके विरूद्व कार्यवाही की अनुशंषा की थी। पूरे मामले की प्रशासनिक जांच का जिम्मा जोधपुर के संयुक्त निदेशक को दिया गया। करीबन 6 महिने होने को आये हैं बाड़मेर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी या निदेशालय ने दोषी कार्मिकों के खिलाफ कोई कार्यवाही नही की और न एफआईआर दर्ज करवाई। ये लोग मलाईदार पोस्टों पर आज भी खरे खोटे कार्यो को अंजाम देकर चांटी काटने मे लगे हुए हैं। वही दोषी पाये गये 6 सीएमएचओ पर भी कोई कार्यवाही नही की गई। निदेशक और संयुक्त निदेशक के बीच फुटबाल बनी हुई यह जांच फाइल आखिर कब असरदार कार्यवाही के लिए खोली जायेगी,यह रहस्य बना हुआ हैं। बाड़मेर दफ्तर मे चिन्हित किए गये 13 दोषी लोग तो मलाईदार पोस्टों पर आज भी टिके हुए हैं।