23 October 2017 00:00:00 AM Breaking News
अगला सीएम अशोक या सचिन 18 दिसंबर को हो जायेगा फैसलामंत्री के आदेश, नर्मदा नहर परियोजना के टेण्डर घोटालों की जांच खुद कलक्टर करेंगेकलक्टरों को दिये अधिकार, अधिनस्थ अफसरों को कर सकेंगे दण्डितबालोतरा मे उजागर हुआ लाखों का पेशाब घोटाला!सांचोर विधायक ने लगाया बलात्कार प्रकरण मे बदनामी का षडत्रयंत्र रचने का आरोपकांग्रेस के सभापति ने राज्य मंत्री के भाई को किया मालामाल!पूर्व आयुक्त श्रवण विश्नोई की करतूत, फर्जी चिट्ठी भेज हांसिल की मंजूरीऔर.. जज साहब हैरान रह गये कि 8 वीं के 1 भी स्टूडेंट को नही आया 8 का पहाड़ाकलक्टर हुए सख्त, नही चल सकेंगे अवैध बार, 25 लाख से अधिक के हर एक निर्माण पर रखेंगे निगरानीराजस्थान के मंत्री भी अब आरटीआई के दायरे मे, देनी होगी सूचनाएंः आयोगदो बेटियों के संग मां ने टांके मे कूद दी जानपूर्व सीएम गहलोत ने की जोधपुर हादसे की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांगबलात्कार मामले मे अहम फैसला, कमजोर नो का मतलब यस भी होता हैंसांचोर। नशे की आदत ने मफाराम को बनाया शातिर चोर, पुलिस ने दबोचातख्तगढ नपा चेयरमेन को धमकी देकर रिश्वत लेते दो पार्षद गिरफ्तारबुढापे के मंत्र की आड़ मे टिकट कटी तो बीजेपी के इन विधायकों को मिलेगी रेस्ट!पूर्व मुख्यमंत्री ने की पुलिस आयुक्त सहित निकम्मे अफसरों को हटाने की मांगजालोर के 170 गांवों मे पानी नही, कलक्टर सख्त, अधिकारी बेपरवाह निकलेमानवेन्द्र के पुराने दिन लौटेंगे , राजपूतों से सुलह को बेकरार भाजपापालिकाओं के हफ्ते की किश्तें जयपुर तक पहुंचती हैं!पुलिस की तहकीकात मे निकली सामूहिक दुष्कर्म की कहानी झूठीजेल मे वर्षो से बंद कैदियों की हाईकोर्ट से जल्द मिलेगा इंसाफचुनाव से ठीक पहले कांग्रेस ने मृदरेखा से छीना पद, आखिर कौन हैं इसके पीछे!ट्रेक्टर ट्रोली के चेम्बर मे छुपा रखे थे डेढ सौ किलो डोडा पोस्तदूसरी कक्षा की बच्ची से दुष्कर्म की आशंका, प्रशासन के होश उड़ेसुलह हुई, शव लिया,जांच का दिया भरोसाजालोर: अय्याशी थानेदार ने फिर कलंकित किया खाकी को!कलक्टर के लिए असली पीए क्यों नही?डीआरडीए का बाबू 14 साल से पीएचोहटन:दुष्कर्म प्रकरण, 1 आरोपी गिरफ्तार, वार्ता जारीरिश्वत मे अस्मत मांगने वाला थानेदार निलम्बितआईटी के राडार पर हैं 257 विधायक, 26 सांसद और 11 राज्यसभा सांसदगलत कानूनी राय देने पर वकील पर नही हो सकती एफआईआरभारतीय सेनाएं हर स्थिति से निपटने को तैयार: रक्षा मंत्रीकलक्टर की गालियों से नाखूश उनके ही बाबू उतरे हड़ताल परआखिर प्रियंका क्यों कटी रहती हैं बीजेपी के असली कार्यकर्ताओं से?70 साल की वकालत से रिटायर हुए प्रख्यात वकील राम जेठमलानीफर्जी बाबाओं की सूची मे आसाराम और बेटा नारायण सांई भी शामिलश्रीमती राजे को मिला ’बेस्ट चीफ मिनिस्टर ऑफ द ईयर’ का स्कॉच अवार्डजज नही लगाये तो केन्द्र के मुकदमों की सुनवाई नहीजीरा मंडी के दुकानों के आवंटन का मामला, हाईकोर्ट मे हुई सुनवाईनगरपरिषद के तत्कालीन आयुक्त की कारस्तानी, लाखों का किया गोलमालडीएलबी दबाने मे लगी हैं आईएएस के चचेरे भाई की नौकरी का मामलाएनआरएचम मे 5 करोड़ का घोटाला, दागी काट रहे हैं चांदीन्यायमूर्ति गोविन्द माथुर इसी माह इलाहबाद मे लेंगे शपथ?क्या कर्नल तलाश रहे हैं अपने राजनीतिक वारिश की सीट!

क्या कर्नल तलाश रहे हैं अपने राजनीतिक वारिश की सीट!

बाड़मेर। बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सींट से अब तक चार बार सांसद चुने गये कर्नल सोनाराम चैधरी ने 2014 के आम चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस को अलविदा कह कर भाजपा का दामन थाम लिया था। हालांकि उनकी महत्वकांक्षा और उम्मीदों के मुताबिक भाजपा की केन्द्र सरकार मे उन्हें मंत्रीपद नसीब नही हो सका। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक 72 वर्षीय कर्नल सोनाराम चैधरी अब अपने राजनीतिक उतराधिकारी बेटे डाॅ. रमन चैधरी के लिए विधानसभा सीट तलाशने मे लगे हुए हैं। नजदीक आ रहे चुनावों को लेकर कर्नल एक बार फिर से सक्रिय हो गये हैं। 
जानकारों के मुताबिक कर्नल सोनाराम चैधरी के लिए आगामी आम चुनाव मे फिर से टिकट पाना बेहद मुश्कील बना हुआ हैं। भाजपा मे मानवेन्द्रसिंह जसोल लोकसभा चुनाव की उम्मीदवारी के लिए प्रबल दावेदार बने हुए हैं। ऐसे मे संकेत मिल रहे हैं कि कर्नल अपने राजनीतिक उतराधिकारी के रूप मे बेटे डाॅ. रमन चैधरी के लिए उपर्युक्त सींट तलाशन मे लगे हुए हैं। रमन को वे विधानसभा चुनाव लड़ाना चाह रहे हैं। यह अलग बात हैं कि कर्नल समर्थक तो अब भी यही कह रहे हैं कि कर्नल ही चुनाव लड़ेंगे, चाहे विधानसभा का टिकट मिले या लोकसभा का? लेकिन डाॅ. रमन की राजनीतिक सक्रियता और सार्वजनिक कार्यक्रमों मे बढ चढ कर उनके द्वारा ली जा रही हिस्सेदारी से भी तो यही संकेत मिल रहे हैं कि वे विधानसभा चुनावों की तैयारियां कर रहे हैं। वे बाड़मेर एवं बायतु दोनों विधानसभा क्षैत्रों मे लगातार जन सम्पर्क भी कर रहे हैं और समर्थकों की फौज बढाने मे जुटे हुए हैं।
विवादों से नाता रहा हैं कर्नल का
1987 मे आर्मी की नौकरी छोड़ने के बाद 1994 मे कांग्रेस ज्वोईन कर राजनीतिक हल्के मे सक्रिय हुए कर्नल सोनाराम चैधरी ने पहला लोकसभा चुनाव 1996 मे लड़ा। पहली बार कांग्रेस के टिकट पर लड़े कर्नल ने भाजपा के जोगराजसिंह राजपुरोहित को पराजित किया था। उसके बाद भी कर्नल दो बार 1998 एवं 1999 मे हुए लोकसभा के मध्यावधि चुनावों मे भी सांसद चुने गये। लेकिन बाद मे 2009 मे हुए लोकसभा चुनाव मे भाजपा के मानवेन्द्रसिंह ने उन्हें करारी शिकस्त दी। वे 2013 मे विधानसभा का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर बायतु से लड़े लेकिन भाजपा के नौजवान उम्मीदवार कैलाश चैधरी ने उन्हें पराजित किया। कर्नल कांग्रेस मे रह कर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को लगातार निशाने पर रखे हुए रहे। मौके-बे-मौके गहलोत की खिलाफत कर वे कांग्रेस की जाट लीडरशीप मे अग्रीम पंक्ति के नेता के रूप मे जगह बनाने को लालायित रहे। लेकिन उन्हें कामयाबी नही मिली। अंततः 2014 के लोकसभा चुनाव होने से पहले वे भाजपा मे चले गये। मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे के घुर विरोधी माने जाने वाले पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसवंतसिंह को भाजपा ने टिकट नही दिया। वे बाड़मेर जैसलमेर सींट से निर्दलीय चुनाव लड़ने को अडिग रहे तो मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने अपनी राजनीतिक गोटियां चलाते हुए कर्नल को भाजपा मे शामिल कर टिकट थमवा दिया। कड़े संघर्ष मे कर्नल जीत गये। लेकिन कर्नल को उम्मीद के अनुरूप तवज्जो एवं मंत्री पद भाजपा सरकार मे नही मिला। उनके पारीवारिक विवाद भी चर्चाओं मे रहे। 
बहरहाल, वयोवृद्व जाट नेता कर्नल सोनाराम चैधरी भले ही अपनी टिकट के दावे करते हो लेकिन अंदर की खबर हैं कि वे अब इस उम्र मे अपने पुत्र रमन चैधरी को एक्टिव कर टिकट दिलाना चाह रहे है। वे बायतु एवं बाड़मेर दोनों मे से किसी एक सीट पर रमन की टिकट के लिए दावेदारी जतायेंगे। इस बीच मिल रही खबरों के मुताबिक कांग्रेस के कतिपय जाट नेताओं से कर्नल की बढ रही नजदीकियां और होने वाली गुप्त मंत्रणाएं भी जबरदस्त चर्चाओं मे हैं।