13 December 2017 00:00:00 AM Breaking News
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बाड़मेर: आयुक्त ने दिखाई अपने ही सभापति को आंख और औकात!

बाड़मेर। नगरपरिषद बाड़मेर मे लगातार भ्रष्टाचार एवं अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे सभापति लूणकरण बोथरा को शुक्रवार को उन्ही के आयुक्त प्रकाश डूडी ने न केवल आंख दिखाई बल्कि औकात भी बता दी।
दरअसल, मामला यह हैं कि बाड़मेर नगरपरिषद के आयुक्त ने 28 नवंबर को एक आदेश जारी कर विभिन्न कर्मचारियों के अनुभागों मे परिवर्तन कर उन्हें ड्युटी ज्वोईन करने के आदेश दिये थे। सभापति ने इस आदेश को अपना अपमान समझा और तिलमिलाया। उधर कर्मचारियों ने आयुक्त के आदेश की पालना करते हुए नई शाखाओं मे ड्युटी ज्वोईन कर दी। आयुक्त शुक्रवार को कोर्ट कार्य से जोधपुर गये तो सभापति ने अपने अधिकार दिखाते हुए आयुक्त के यह आदेश निरस्त करने का फरमान जारी कर दिया और कर्मचारियों को निर्देश दिये कि वे पुरानी जगहों पर ही कार्य करें। सभापति ने हाल ही मे हुए नगरपालिका अधिनियम मे संशोधन का हवाला देते हुए खुद को अधिकार सम्पन्न बताया था। आखिर आयुक्त को यह अच्छा नही लगा, तुरंत बाड़मेर पहुंचे और शुक्रवार की दोपहर को ही सभापति को आंख दिखाई और सभापति के आदेश दिनांक 1 दिसंबर को रद्द कर दिया और बताया कि आयुक्त की बिना सहमति एवं दस्तखत के सभापित कोई आदेश नही कर सकता। आयुक्त ने कर्मचारियों को नसीहत दी कि उनके आदेश की अवज्ञा की तो सीसीए नियमों के तहत कार्यवाही अमल मे लाई जायेगी। इस तरह आयुक्त के इस आदेश से सभापति को जबरदस्त मात मिली हैं। बहरहॉल, आयुक्त सभापति को अपना आईना और औकात दोनों दिखा चुके हैं। यह लड़ाई आखिर कहां तक पहुंचेगी, यह तो वक्त बताएगा लेकिन सभापति को तो उनकी हैसियत इस आयुक्त ने दिखाई ही दी है।