23 October 2017 00:00:00 AM Breaking News
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और.. जज साहब हैरान रह गये कि 8 वीं के 1 भी स्टूडेंट को नही आया 8 का पहाड़ा

सांचोर। राजकीय स्कूलों मे भारी भरकम तनख्वाहें लेकर पढाने वाले शिक्षक शिक्षिकाएं वेतन के बदले कितनी मेहनत करते हैं, शायद यह जानकर आपको पैरों तले की जमीन खिसक जायेगी। एक जज ने जब आठवीं स्तर की कक्षा के बच्चों को खड़ा कर पूछा कि आठ तक का पहाड़ा किन किन को आता हैं तो 1 लड़का भी आठवीं कक्षा का नही उठा कि उसे पहाड़ा आता हैं। 
दरअसल, ताल्लुका विधिक सेवा समिति के अध्यक्ष एवं यहां के अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बृजेश पंवार राजकीय माध्यमिक विधालय रेबारियों का गोलिया मे शिविर आयोजित करने पहुंचे थे।  विद्यालय में आठवीं में पढने वाले विद्यार्थियों को आठ का पहाडा भी नहीं आता। इतना ही नहीं दसवीं कक्षा तक की स्कूल में विद्यार्थियों को प्रदेश के राज्यपाल का नाम भी याद नही हैं। ऐसे में इन स्कूलों में शिक्षा के स्तर का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है कि यहां पर अध्यापक किस तरह की पढाई करवाते होंगे। 
अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट बृजेश पंवार गुरूवार इस आठवीं कक्षा के छात्रों से रूबरू हो रहे थे तब एक छ़ात्र हिम्मत कर बोला कि उसे आठवीं का पहाड़ा आता हैं तो जज साहब ने उसे उठ कर बोलने को कहा तो वह भी पहाड़ा गलत ही बोला। इस दौरान प्रार्थना सभा हो रही थी, उन्होंने विद्यार्थियों को पूछा कि राज्य के राज्यपाल का नाम किस किस को पता है तो दसवीं कक्षा तक के इस विद्यालय में केवल एक विद्यार्थी ने ही हाथ खडा किया और राज्यपाल का नाम बताया। जब उन्होंने आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों को पूछा कि जिस जिस को आठ का पहाडा आता है वो हाथ उपर करो तो एक विद्यार्थी ने भी हाथ उपर नहीं किया। 
इसी प्रकार नगर के शोभाला का गोलिया स्थित बालिका विद्यालय के हाल तो और भी बुरे नजर आये। वहां पर दो अध्यापिकाएं थी और विद्यालय मे विद्यार्थियों का नामांकन 19 का है लेकिन जज साहब को उस वक्त मौजूद सिर्फ 5 स्टूडेंट ही मिले। यहां एक सातवीं कक्षा की बालिका को दो का पहाडा आने के बारे में पूछा तो वह बोली नहीं आता। जब उससे पूछा कि 2 और 3 कितने होते है तो उसने जोड भी सही नहीं बताई। अध्यापिका ने बताया यहां पर 19 विद्यार्थियों का पंजीयन है। अब हैरत की बात तो यह हैं 19 विद्यार्थियों पर दो अध्यापिकाएं है और यहां पर सातवीं के विद्यार्थी को जोड़ बाकी तक नही आती।