13 December 2017 00:00:00 AM Breaking News
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राजस्थान के मंत्री भी अब आरटीआई के दायरे मे, देनी होगी सूचनाएंः आयोग

जोधपुर। अब राजस्थान सरकार के मंत्रियों को भी आर.टी.आई.के दायरे मे माना गया हैं। अब तक मंत्रियों के कार्यालयों से मांगी गई सूचनाएं आरटीआई मे देने से मना किया जा रहा था। राज्य के सूचना आयोग ने प्रदेश के मुख्य सचिव को निर्देश दिये हैं कि 1 महिनें मे मंत्रियों के कार्यालयों मे राज्य लोक सूचना अधिकारी तैनात किए जाये। आयोग ने इन दफ्तरों को लोक प्राधिकरण माना हैं।
आयोग ने आश्चर्य जताया कि आरटीआई लागू होने को 12 साल पूरे हुए हैं लेकिन विडम्बना हैं कि लोगों को चाहने पर मंत्रियों के कार्यालयों से आरटीआई की सूचनाएं नही दी जा रही हैं। दरअसल, पूरे मामले मे गौरीशंकर मालू नामक व्यक्ति ने आयोग के समक्ष अपील पेश की थी कि उसने पंचायत राज मंत्री को एक ज्ञापन दिया था, उस पर की गई कार्यवाही की जानकारी मांगी तो उसे जवाब दिया गया कि चाही गई सूचना मंत्री के कार्यालय से संबंधित होने से नही दी जा सकती।
इस पर पंचायत राज विभाग की ओर से कहा गया कि मंत्री के कार्यालय की आवक-जावक पंजिका जैसे दस्तावेज उनके सीधे नियंत्रण में नहीं रहते तथा यहां पर कोई लोक सूचना अधिकारी और प्रथम अपील अधिकारी भी कार्यरत नही हैं। सुनवाई बाद आयोग ने अपने फैसले मे माना कि मंत्री के कार्यालय एवं स्वंय मंत्रियों की तैनातगी कानून एवं संविधान के तहत की जाती हैं ऐसे मे उनके यहां संधारित किए जाने वाले दस्तावेजों की सूचना आरटीआई मे नही ​दी जाना अनुचित हैं। आयोग ने मंत्रियों के दफ्तरों की वेबसाईट पर भी लोक सूचना अधिकारी एवं आरटीआई कानून के बारे मे सूचनाएं प्रदर्शित करने के निर्देश मुख्य सचिव को दिये है।